वर्ल्ड कप के खिताबी जीत से वुमेन इन ब्लू महज एक मैच दूर है. अगर टीम ने मन मुताबिक प्रदर्शन किया तो उसके बाद जश्न ... जश्न ... जश्न ... सबसे बड़ी खबर होगी. 2005 वर्ल्ड कप फाइनल में आस्ट्रेलिया के हाथ मिली हार के मलाल को वुमेन इन ब्लू ने डर्बी सेमीफाइनल में उसी को हरा कर हिसाब चुकता कर चुकी है. अब कल लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास रचने का वक्त होगा. खासकर, यह मौका कप्तान मिताली राज और झुलन गोस्वामी के लिए विशेष है. 12 साल बाद फिर से दोनों के पास वर्ल्ड कप फाइनल मैच खेलने का मौका आया है. कप्तान और गोस्वामी के लिए यह आखिरी वर्ल्ड कप है. ऐसे में प्रतिद्वंदी इंग्लैंड के लिए तीसरे वल्र्ड कप जितने की राह असंभव बनाने मे कोई कोर कसर नहीं छोडेंगी. मिताली ने कहा है, 'मेरे और झुलन के लिए विशेष मौका है, क्योंकि हम दोनों ही ऐसे खिलाडी हैं, जो 2005 से लगातार टीम के साथ हैं. यह हमारे लिए 2005 में लौटने जैसा है. हम सभी वर्ल्ड कप फाइनल का हिस्सा बनने पर उत्साहित हैं. हमें मालूम था कि यह टूर्नामेंट हमारे लिए आसान नहीं होगा. लेकिन टीम के हर जरुरत के मौकों पर लडकियां उभर कर सामने आयीं. मैं काफी खुश हूं कि लड़कियों ने हमें दोबारा वर्ल्ड कप फाइनल का हिस्सा बनने का अवसर दिया है. इंग्लैंड के लिए आसान नहीं होगा. आस्ट्रेलिया को हराने के बाद लड़कियों का मनोबल काफी उंचा है. लेकिन काफी कुछ फाइनल में हमारे प्रदर्शन पर निर्भर करता है. मेजबान के साथ उसी के देश में खेलना चुनौती है, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है.' इंग्लैंड टीम नाटकिय तौर से दक्षिण अफ्रीको को दो विकेट से हरा कर फाइनल में पहुंची है. यह टीम टूर्नामेंट में केवल एक बार हार का स्वाद चखी है. वह भी डर्बी में वुमेन इन ब्लू के हाथ ही. 35 रनों से. इसके बाद सात लगातार जीत. टीम की कप्तान हेथर नाइट को विश्वाश है कि उसकी टीम और बेहतर प्रदर्शन करेगी. नाइट ने कहा है, हम लगातार जीत की राह तलाश रहे हैं.
Courtesy - www.icc-cricket.com
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