भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा का बमकना बंद होते नहीं दिख रहा है. पटना में उन्होंने कहा कि जिस तरह से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह का बचाव किया जा रहा है, वह सही नहीं है. जिस तरह से केंद्रीय मंत्री जय शाह का बचाव कर रहे हैं उससे यह साफ है कि पार्टी ने हाल के वर्षों में जो उच्च नैतिक अधिकार हासिल किया था उसे खो दिया है. जिस तरह से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जय शाह के बचाव में कूद पड़े वह उचित नहीं है. वे केंद्रीय मंत्री हैं, जय शाह के चार्टड एकाउंटेंट नहीं. मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध करने वाले सिन्हा ने खबर छापने वाली वेबसाइट पर मानहानि का मुकदमा दायर करने का भी विरोध किया. उन्होंने उन ‘बहुत ही खास परिस्थितियों’ पर भी चिंता जताई जिसके तहत एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता को मानहानि का मुकदमा लड़ने के लिए कहा गया. हालांकि उन्होंने उस खबर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें जय शाह की संपत्ति में 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद बेतहाशा वृद्धि की बात कही गई थी. सिन्हा ने कहा कि यह जांच का विषय है जिसे कोई भी सरकारी एजेंसी कर सकती है. गौरतलब है कि वेबसाइट 'द वायर' ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी से जुड़ी एक खबर प्रकाशित की है. खबर में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के आंकड़े को उद्धृत करते हुए कहा गया कि जय शाह के मालिकाना हक वाले 'टेंपल इंटरप्राइज' की संपत्ति में वर्ष 2015-16 के दौरान 16,000 गुना और उससे पहले के साल से करीब 80 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.
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