चंद दिनों पहले तक बिहार-नेपाल सीमा पर आवागमन इतना सरल रहा कि महसूस ही नहीं हुआ कि आप अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर रहे हैं। लेकिन आज हिमालय की वादियों में खेले जा रहे चालबाजियों में बिहार नेपाल से कहीं दूर होता जा रहा है। बेटी-रोटी के रिश्ते में बढते खटास पर आधारित युगवार्ता के नविनतम अंक ने मेरे आलेख को जगह दिया है। पढिए-पढाइए...


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