आज कल लोग पत्रकारों पर ऊँगली उठाने लगे हैं। इसके पीछे की वजह जानने की जरुरत है की आख़िर ऐसा क्यो हो रहा है। निजी चैनलो की पर्तिस्पर्धा मे बेचारे पत्रकार पीस रहें हैं। इस आपाधापी मे जरुरत की खबरें छुट रही है। यह मनमानी पत्रकारों की नही है आखिरकार वो भी आदमी हैं उन्हें भी परिवार के लिए धन कहिये
Friday, June 13, 2008
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मंत्रीजी, होम क्वरंटाइन में घुमे जा रहे हैं
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